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24 June, 2013

हे शिव कैसा नृत्य, बचे क्यूँ नेता नंदी-



नंदी को देता बचा, शिव-तांडव विकराल । 
भक्ति-भृत्य खाए गए, महाकाल के गाल । 

महाकाल के गाल, महाजन गाल बजाते । 
राजनीति का खेल, आपदा रहे भुनाते । 

आहत राहत बीच, चाल चल जाते गन्दी । 
हे शिव कैसा नृत्य, बचे क्यूँ नेता नंदी ॥

6 comments:

  1. सच है....
    बढ़िया....

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  2. वाह . बहुत उम्दा

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  3. नेता नंदी तो अक्सर ही बच जाते हैं मारे जाते हैं भक्त । आपकी अनुपस्थिति मेरे ब्लॉग पर क्यूं, कुछ भूल हुई है क्या ।

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  4. sach hai...badi sudartase apne ise shabdon piroya ahi!

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  5. वाह क्या बात है !पर भाई नंदी तो शिव का वाहन है .साधारण मनुष्य का वह तन है जिसे शिव परमात्मा ब्रह्मा नाम देते हैं ,वह तो पवित्र तन है जिसकी भक्ति सम्पूर्ण हुई तो वह ज्ञान मार्ग में आया .नेता नंदी नहीं हो सकता है .फंदी हो सकता है फंदे बाज़ हो सकता है .राहुल का मामा हो सकता है .

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