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27 August, 2013

नौ दो ग्यारह होय, निवेशक धन बहु-रूपया

रूपया छा-सठ में फँसा, उन-सठ से हैरान |
इक-सठ कब से मौन है, अड़-सठ सड़-सठियान |

अड़-सठ सड़-सठियान, तीन-तेरह हो जाता |
तीन-पाँच हर वक्त, पञ्च-जन माल खपाता |

मची हुई है लूट, रपट आती है खुफिया |
नौ दो ग्यारह होय, निवेशक धन बहु-रूपया ||

3 comments:

  1. श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक बधाइयाँ एवं शुभकामनायें,सादर !!

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  2. रुपया की हालत आप हमने नहीं दलालों ने खराब कर रखी है।

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  3. मची हुई है लूट, रपट आती है खुफिया |

    नौ दो ग्यारह होय, निवेशक धन बहु-रूपया

    Ekdam sahee.

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