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09 January, 2014

आप छुवे आकास, खेल मोदी का भाड़े-

(1)
लोकसभा में आपकी, आई सीट पचास |
लगे पलीता ख़्वाब में, टूटे भाजप आस |

टूटे भाजप आस, विपक्षी मौका ताड़े |
आप छुवे आकास, खेल मोदी का भाड़े |

माना अनुभवहीन, मीडिया लेकिन थामे |
कर दे सत्तासीन, त्रिशंकुल लोकसभा में ||

09 DECEMBER, 2013


कुंडलियां 

लेना देना जब नहीं, करे तंत्र को बांस |
लोकसभा में आप की, मानो सीट पचास |

मानो सीट पचास,  इलेक्शन होय दुबारे |
करके अरबों नाश, आम पब्लिक को मारे |

अड़ियल टट्टू आप, अकेले नैया खेना |
सबको माने चोर, समर्थन ले ना दे ना ||

13 comments:

  1. बहुत सुन्दर प्रस्तुति...!
    आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल शनिवार (11-1-2014) "ठीक नहीं" : चर्चा मंच : चर्चा अंक : 1489" पर होगी.
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है.
    सादर...!

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  2. क्या कहूं वाह के सिवाय :)
    आभार, आपको भी नववर्ष की
    बहुत बहुत शुभकामनायें !

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  3. सत्याभासी टिपण्णी आजकल के राजनीतिक हालात पर .

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  4. सत्याभासी टिपण्णी आजकल के राजनीतिक हालात पर .

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  5. मित्र शुभ सर्वकाल !
    अच्छा व्यंग्य है !

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  6. वर्तमान को देखते हुए सम्भावना का सुंदर चित्रण .....

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  7. बढ़िया रचना

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  8. आप छुवे आकास, खेल मोदी का भाड़े-
    (1)
    लोकसभा में आपकी, आई सीट पचास |
    लगे पलीता ख़्वाब में, टूटे भाजप आस |

    टूटे भाजप आस, विपक्षी मौका ताड़े |
    आप छुवे आकास, खेल मोदी का भाड़े |

    माना अनुभवहीन, मीडिया लेकिन थामे |
    कर दे सत्तासीन, त्रिशंकुल लोकसभा में ||

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  9. बहुत सुंदर ...हमेशा की तरह

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